नई दिल्ली। इंटरनेट बैंकिंग आज बहुत ही आसान हो गई है और अब इसे मोबाइल ऐप्‍स ने और भी ज्‍यादा आसान बना दिया है। लेकिन सुविधा के साथ खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। आज जब सारी जानकारी आपके मोबाइल में रहती है तो ऐसे में सुविधा के साथ खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।

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आपको बता दें कि इन तीनों तीन बड़े बैंक आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और आरबीएल के फर्जी ऐप्स गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद हैं। अगर आपने गलती से इन फर्जी ऐप्स को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लिया तो आपकी निजी जानकारी से लेकर बैंक अकाउंट के हैक होने का खतरा है।

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इस तरह काम करते हैं ये ऐप्स:

सोलोवाकिय बेस्ड एक इंटरनेट प्रोडक्ट प्रोवाइडर ESET के मुताबिक इन ऐप्स को जून-जुलाई 2018 में प्ले स्टोर पर रिलीज किया गया है। जबतक गूगल इन ऐप्स को अपने स्टोर से हटाता, तब तक कई लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया। लॉन्च होने के बाद ये ऐप्स समान रूप से काम कर रहे थे। जिसमें ये यूजर्स से क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगते थे। जैसे ही यूजर्स अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी डालते, ये ऐप्स यूजर्स के इंटरनेट बैंकिंग क्रेडेन्शियल्स दर्ज करने और सबमिट बटन पर क्लिक करने के लिए कहता है। इसके बाद यूजर्स की निजी जानकारी ऑनलाइन लीक हो जाती हैं, जिसे कोई भी एक्सेस कर सकता है। इस तरह से किसी भी यूजर्स को भारी नुकसान का सामना उठाना पड़ सकता है।

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निजी जानकारियां हो जाती हैं सार्वजनिक:

इन तीनों बैंकों के ऐप्स को डाउनलोड करने के बाद हैकर्स आपकी निजी जानकारी से लेकर डेबिट और क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स मांगते हैं। आपके पास यह मैसेज आता है कि आप अपनी जानकारी हमसे शेयर करिए आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट को बढ़ा दिया जाएगा। जैसे ही आप अपनी जानकारी शेयर करते हैं, ये ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगा और कोई भी इसका इस्तेमाल कर सकता है।

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इस तरह कर सकते हैं बचाव:

  1.  आप इस तरह की हैकिंग से बचने के लिए किसी भी ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करने से पहले उसके सोर्स का पता लगाएं। अगर, आपको लगे कि ऐप का सोर्स सही है तो ही आप ऐप को डाउनलोड करें.
  2. ऐप को डाउनलोड करने से पहले कितने बार डाउनलोड किया गया है, क्या रेटिंग हैं, ये सब पता करें।
  3. अगर, आपको जरा भी संदेह हो तो कभी भी अपनी निजी जानकारी शेयर न करें।
  4. आपको बता दें कि कोई बैंक आपसे आपका पासवर्ड न तो फोन पर मांगता है और न ही ऑनलाइन मांगता है।